Read भजन संहिता Chapter 103 Online
Read भजन संहिता Chapter 103 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of भजन संहिता in the Old Testament. Browse every verse with easy chapter navigation, continue to the next chapter, or explore the complete Book of भजन संहिता and the Holy Bible online.
Choose a Chapter
भजन संहिता 103
अध्याय 103
1. हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह; और जो कुछ मुझ में है, वह उसके पवित्र नाम को धन्य कहे!
2. हे मेरे मन, यहोवा को धन्य कह, और उसके किसी उपकार को न भूलना।
3. वही तो तेरे सब अधर्म को क्षमा करता, और तेरे सब रोगों को चंगा करता है,
4. वही तो तेरे प्राण को नाश होने से बचा लेता है, और तेरे सिर पर करूणा और दया का मुकुट बान्धता है,
5. वही तो तेरी लालसा को उत्तम पदार्थों से तृप्त करता है, जिस से तेरी जवानी उकाब की नाईं नई हो जाती है॥
6. यहोवा सब पिसे हुओं के लिये धर्म और न्याय के काम करता है।
7. उसने मूसा को अपनी गति, और इस्राएलियों पर अपने काम प्रगट किए।
8. यहोवा दयालु और अनुग्रहकरी, विलम्ब से कोप करने वाला और अति करूणामय है।
9. वह सर्वदा वादविवाद करता न रहेगा, न उसका क्रोध सदा के लिये भड़का रहेगा।
10. उसने हमारे पापों के अनुसार हम से व्यवहार नहीं किया, और न हमारे अधर्म के कामों के अनुसार हम को बदला दिया है।
11. जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
12. उदयाचल अस्ताचल से जितनी दूर है, उसने हमारे अपराधों को हम से उतनी ही दूर कर दिया है।
13. जैसे पिता अपने बालकों पर दया करता है, वैसे ही यहोवा अपने डरवैयों पर दया करता है।
14. क्योंकि वह हमारी सृष्टि जानता है; और उसको स्मरण रहता है कि मनुष्य मिट्टी ही है॥
15. मनुष्य की आयु घास के समान होती है, वह मैदान के फूल की नाईं फूलता है,
16. जो पवन लगते ही ठहर नहीं सकता, और न वह अपने स्थान में फिर मिलता है।
17. परन्तु यहोवा की करूणा उसके डरवैयों पर युग युग, और उसका धर्म उनके नाती- पोतों पर भी प्रगट होता रहता है,
18. अर्थात उन पर जो उसकी वाचा का पालन करते और उसके उपदेशों को स्मरण करके उन पर चलते हैं॥
19. यहोवा ने तो अपना सिंहासन स्वर्ग में स्थिर किया है, और उसका राज्य पूरी सृष्टि पर है।
20. हे यहोवा के दूतों, तुम जो बड़े वीर हो, और उसके वचन के मानने से उसको पूरा करते हो उसको धन्य कहो!
21. हे यहोवा की सारी सेनाओं, हे उसके टहलुओं, तुम जो उसकी इच्छा पूरी करते हो, उसको धन्य कहो!
22. हे यहोवा की सारी सृष्टि, उसके राज्य के सब स्थानों में उसको धन्य कहो। हे मेरे मन, तू यहोवा को धन्य कह!
About भजन संहिता Chapter 103
Read भजन संहिता Chapter 103 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of भजन संहिता in the Old Testament. Continue reading with the chapter navigation above or explore the complete book.
Book Information
Book: भजन संहिता
Chapter: 103
Testament: Old Testament
How to Read this Chapter
Use the Previous and Next Chapter buttons to continue reading भजन संहिता. You can also adjust the font size for comfortable reading and browse other books of the Bible using the navigation links.
More Resources
Continue Reading the Bible
Continue reading भजन संहिता Chapter 103 and explore every book, chapter and verse of the Holy Bible. Use the navigation links above and below to move through the Scriptures with ease.
Frequently Asked Questions
What is भजन संहिता Chapter 103?
भजन संहिता Chapter 103 is part of the Book of भजन संहिता in the Holy Bible.
Can I read this chapter online?
Yes. You can read the complete भजन संहिता Chapter 103 online for free with easy chapter navigation.
More Chapters from पुराना नियम
- आमोस Chapter 7
- 1 इतिहास Chapter 20
- 2 राजा Chapter 15
- योना Chapter 1
- 2 इतिहास Chapter 8
- उत्पत्ति Chapter 2
- 2 इतिहास Chapter 36
Explore More from भजन संहिता
- भजन संहिता Chapter 93
- भजन संहिता Chapter 17
- भजन संहिता Chapter 50
- भजन संहिता Chapter 28
- भजन संहिता Chapter 59
- भजन संहिता Chapter 52
- भजन संहिता Chapter 99