Read यशायाह Chapter 56 Online
Read यशायाह Chapter 56 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of यशायाह in the Old Testament. Browse every verse with easy chapter navigation, continue to the next chapter, or explore the complete Book of यशायाह and the Holy Bible online.
Choose a Chapter
यशायाह 56
अध्याय 56
1. यहोवा यों कहता है, न्याय का पालन करो, और धर्म के काम करो; क्योंकि मैं शीघ्र तुम्हारा उद्धार करूंगा, और मेरा धर्मी होना प्रगट होगा।
2. क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रामदिन को पवित्र मानता और अपवित्र करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भांति की बुराई करने से रोकता है।
3. जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें कि यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा; और खोजे भी न कहें कि हम तो सूखे वृक्ष हैं।
4. क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूं उसी को अपनाते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनके विषय यहोवा यों कहता है
5. कि मैं अपने भवन और अपनी शहर-पनाह के भीतर उन को ऐसा नाम दूंगा जो पुत्र-पुत्रियों से कहीं उत्तम होगा; मैं उनका नाम सदा बनाए रखूंगा और वह कभी न मिटाया जाएगा।
6. परदेशी भी जो यहोवा के साथ इस इच्छा से मिले हुए हैं कि उसकी सेवा टहल करें और यहोवा के नाम से प्रीति रखें और उसके दास हो जाएं, जितने विश्रामदिन को अपवित्र करने से बचे रहते और मेरी वाचा को पालते हैं,
7. उन को मैं अपने पवित्र पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूंगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएंगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा।
8. प्रभु यहोवा, जो निकाले हुए इस्राएलियों को इकट्ठे करने वाला है, उसकी यह वाणी है कि जो इकट्ठे किए गए हैं उनके साथ मैं औरों को भी इकट्ठे कर के मिला दूंगा॥
9. हे मैदान के सब जन्तुओं, हे वन के सब पशुओं, खाने के लिये आओ।
10. उसके पहरूए अन्धे हैं, वे सब के सब अज्ञानी हैं, वे सब के सब गूंगे कुत्ते हैं जो भूंक नहीं सकते; वे स्वप्न देखने वाले और लेटे रहकर सोते रहना चाहते हैं।
11. वे मरभूखे कुत्ते हैं जो कभी तृप्त नहीं होते। वे चरवाहे हें जिन में समझ ही नहीं; उन सभों ने अपने अपने लाभ के लिये अपना अपना मार्ग लिया है।
12. वे कहते हैं कि आओ, हम दाखमधु ले आएं, आओ मदिरा पीकर छक जाएं; कल का दिन भी तो आज ही के समान अत्यन्त सुहावना होगा॥
About यशायाह Chapter 56
Read यशायाह Chapter 56 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of यशायाह in the Old Testament. Continue reading with the chapter navigation above or explore the complete book.
Book Information
Book: यशायाह
Chapter: 56
Testament: Old Testament
How to Read this Chapter
Use the Previous and Next Chapter buttons to continue reading यशायाह. You can also adjust the font size for comfortable reading and browse other books of the Bible using the navigation links.
More Resources
Continue Reading the Bible
Continue reading यशायाह Chapter 56 and explore every book, chapter and verse of the Holy Bible. Use the navigation links above and below to move through the Scriptures with ease.
Frequently Asked Questions
What is यशायाह Chapter 56?
यशायाह Chapter 56 is part of the Book of यशायाह in the Holy Bible.
Can I read this chapter online?
Yes. You can read the complete यशायाह Chapter 56 online for free with easy chapter navigation.