आमोस Chapter 2

For English

Read आमोस Chapter 2 Online

Read आमोस Chapter 2 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of आमोस in the Old Testament. Browse every verse with easy chapter navigation, continue to the next chapter, or explore the complete Book of आमोस and the Holy Bible online.

Choose a Chapter

आमोस 2

अध्याय 2

1. यहोवा यों कहता है, मोआब के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उसने एदोम के राजा की हड्डियों को जला कर चूना कर दिया।

2. इसलिये मैं मोआब में आग लगाऊंगा, और उस से करिय्योत के भवन भस्म हो जाएंगे; और मोआब हुल्लड़ और ललकार, और नरसिंगे के शब्द होते-होते मर जाएगा।

3. मैं उसके बीच में से न्यायी को नाश करूंगा, और साथ ही साथ उसके सब हाकिमों को भी घात करूंगा, यहोवा का यही वचन है॥

4. यहोवा यों कहता है, यहूदा के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उनहोंने यहोवा की व्यवस्था को तुच्छ जाना और मेरी विधियों को नहीं माना; और अपने झूठे देवताओं के कारण जिनके पीछे उनके पुरखा चलते थे, वे भी भटक गए हैं।

5. इसलिये मैं यहूदा में आग लगाऊंगा, और उस से यरूशलेम के भवन भस्म हो जाएंगे॥

6. यहोवा यों कहता है, इस्राएल के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण, मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उन्होंने निर्दोष को रूपये के लिये और दरिद्र को एक जोड़ी जूतियों के लिये बेच डाला है।

7. वे कंगालों के सिर पर की धूलि का भी लालच करते, और नम्र लोगों को मार्ग से हटा देते हैं; और बाप-बेटा दोनों एक ही कुमारी के पास जाते हैं, जिस से मेरे पवित्र नाम को अपवित्र ठहराएं।

8. वे हर एक वेदी के पास बन्धक के वस्त्रों पर सोते हैं, और दण्ड के रूपये से मोल लिया हुआ दाखमधु अपने देवता के घर में पी लेते हैं॥

9. मैं ने उनके साम्हने से एमोरियों को नाश किया था, जिनकी लम्बाई देवदारों की सी, और जिनका बल बांज वृक्षों का सा था; तौभी मैं ने ऊपर से उसके फल, और नीचे से उसकी जड़ नाश की।

10. और मैं तुम को मिस्र देश से निकाल लाया, और जंगल में चालीस वर्ष तक लिए फिरता रहा, कि तुम एमोरियों के देश के अधिकारी हो जाओ।

11. और मैं ने तुम्हारे पुत्रों में से नबी होने के लिये और तुम्हारे कुछ जवानों में से नाजीर होने के लिये ठहराया। हे इस्राएलियो, क्या यह सब सच नहीं है? यहोवा की यही वाणी है।

12. परन्तु तुम ने नाजीरों को दाखमधु पिलाया, और नबियों को आज्ञा दी कि भविष्यद्ववाणी न करें॥

13. देखो, मैं तुम को ऐसा दबाऊंगा, जैसी पूलों से भरी हुई गाड़ी नीचे को दबाई जाती है।

14. इसलिये वेग दौड़ने वाले को भाग जाने का स्थान न मिलेगा, और सामर्थी का सामर्थ कुछ काम न देगा; और न पराक्रमी अपना प्राण बचा सकेगा;

15. धनुर्धारी खड़ा न रह सकेगा, और फुर्ती से दौड़ने वाला न बचेगा; सवार भी अपना प्राण न बचा सकेगा;

16. और शूरवीरों में जो अधिक वीर हो, वह भी उस दिन नंगा हो कर भाग जाएगा, यहोवा की यही वाणी है॥

About आमोस Chapter 2

Read आमोस Chapter 2 online from the Holy Bible. This chapter is part of the Book of आमोस in the Old Testament. Continue reading with the chapter navigation above or explore the complete book.

Book Information

Book: आमोस
Chapter: 2
Testament: Old Testament

How to Read this Chapter

Use the Previous and Next Chapter buttons to continue reading आमोस. You can also adjust the font size for comfortable reading and browse other books of the Bible using the navigation links.

https://www.youtube.com/watch?v=rzsT_Q3KLzE

More Resources

Continue Reading the Bible

Continue reading आमोस Chapter 2 and explore every book, chapter and verse of the Holy Bible. Use the navigation links above and below to move through the Scriptures with ease.

Frequently Asked Questions

What is आमोस Chapter 2?

आमोस Chapter 2 is part of the Book of आमोस in the Holy Bible.

Can I read this chapter online?

Yes. You can read the complete आमोस Chapter 2 online for free with easy chapter navigation.

More Chapters from आमोस

  1. आमोस Chapter 7
  2. आमोस Chapter 3
  3. आमोस Chapter 5
  4. आमोस Chapter 9
  5. आमोस Chapter 8
  6. आमोस Chapter 4
  7. आमोस Chapter 6

Explore More from पुराना नियम

  1. भजन संहिता Chapter 123
  2. दानिय्येल Chapter 11
  3. भजन संहिता Chapter 80
  4. 2 इतिहास Chapter 24
  5. दानिय्येल Chapter 5
  6. 1 इतिहास Chapter 7
  7. यहेजकेल Chapter 3

Related Chapters & Readings

  1. यिर्मयाह Chapter 36
  2. भजन संहिता Chapter 27
  3. 2 इतिहास Chapter 16
  4. मरकुस Chapter 11
  5. उत्पत्ति Chapter 8
  6. यहेजकेल Chapter 33
  7. लैव्यव्यवस्था Chapter 21
Share Your Love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *